आगरा, 8 नवम्बर : दयालबाग का एक परिवार अफ्रीका में फंसा हुआ है। जिस भारतीय कंपनी में युवक काम करता था, उसने उसका पासपोर्ट छीन लिया है, जिसमें उस पर डकैती का आरोप लगाया गया है। नौकरी से निकाले जाने के बाद परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
कंपनी के अधिकारी उस पर घर खाली करने का दबाव बना रहे हैं। पीड़ित ने भारतीय दूतावास में शिकायत की, लेकिन वहाँ से भी कोई मदद नहीं मिली। उसने अपने परिवार को फ़ोन करके घटना की जानकारी दी और भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई। बसेरा वसंत रेजीडेंसी, खासपुर, दयालबाग निवासी धीरज जैन, सद्गुरु टूर एंड ट्रैवल सर्विसेज, पुणे में अकाउंट और फाइनेंस मैनेजर थे।
वे पश्चिम अफ्रीका के कैमरून के डौआला में तैनात थे। वे अपनी पत्नी सुप्रिया जैन और डेढ़ साल की बेटी राघवी के साथ वहीं रहते हैं। धीरज जैन ने फ़ोन पर बताया कि 7 सितंबर 2024 को वह अपने ड्राइवर के साथ कंपनी का 2.5 मिलियन (25 लाख) कैश लेकर ऑफिस जा रहे थे। रास्ते में उनकी नकदी लूट ली गई। उस समय उन्होंने और ड्राइवर ने स्थानीय पुलिस में कैश लूट की घटना का बयान दर्ज कराया था। नवंबर 2024 में वह दो महीने की छुट्टी पर आगरा लौटे थे।
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