April 20, 2026

ईरान ने इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता से किया इनकार

ईरान ने इस्लामाबाद में प्रस्तावित...

तेहरान, 20 अप्रैल: अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित दूसरे दौर की वार्ता को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह इस बातचीत में शामिल होने की कोई योजना नहीं बना रहा। सरकारी मीडिया के अनुसार, इस्लामाबाद में संभावित वार्ता से जुड़ी खबरें पूरी तरह गलत हैं।

अमेरिका की पहल पर ईरान की सख्त प्रतिक्रिया

ईरान का बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ता के लिए प्रतिनिधियों को पाकिस्तान भेजने का निर्देश दिया था। हालांकि, तेहरान ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की कोई बैठक तय नहीं हुई है।

ईरान ने अमेरिका पर “अत्यधिक मांगें” रखने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि अमेरिका की बदलती नीतियां और विरोधाभासी बयानबाजी बातचीत की प्रक्रिया में बाधा डाल रही हैं।

सैन्य गतिविधियों से बढ़ा तनाव

ईरान ने अमेरिकी नौसेना की गतिविधियों को युद्धविराम समझौते का उल्लंघन बताया है। साथ ही, एक ईरानी जहाज के खिलाफ कार्रवाई ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है। ईरान का दावा है कि अमेरिका जानबूझकर यह प्रचार कर रहा है कि ईरान वार्ता में शामिल होगा, ताकि उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाया जा सके।

बातचीत की शर्तें स्पष्ट

ईरान ने साफ कहा है कि जब तक अमेरिकी घेराबंदी समाप्त नहीं होती, तब तक किसी भी तरह की वार्ता संभव नहीं है। दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अब भी किसी समझौते की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को एक “उचित और लाभकारी” प्रस्ताव दे रहा है।

मध्य पूर्व में जारी युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है, जिससे क्षेत्र की स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।