पंडोह, 14 जुलाई : हिमाचल प्रदेश के चार मील में पहाड़ी से मलबा गिरने से कीरतपुर-मनाली फोरलेन मार्ग फिर बंद हो गया है। करीब 29 घंटे की मशक्कत के बाद रविवार देर शाम मार्ग को एकतरफा यातायात के लिए बहाल कर दिया गया था, लेकिन सोमवार रात 11 बजे और फिर सुबह आठ बजे हुए भारी भूस्खलन ने प्रशासन और यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार हो रही बारिश के कारण चार मील क्षेत्र में पहाड़ी काफी ढीली हो गई है, जिससे भूस्खलन को रोका नहीं जा सकता। मलबा गिरते ही एनएचएआई की मशीनों ने मौके पर राहत कार्य शुरू कर दिया, लेकिन अधिक मात्रा में मलबा गिरने के कारण मार्ग को बहाल करने में समय लग रहा है।
हजारों वाहन फंसे
इस बीच, कुल्लू, मनाली और लाहौल की ओर जाने वाले हज़ारों वाहन औट, पंडोह और बल्ह क्षेत्रों में जगह-जगह फंसे हुए हैं। इनमें पर्यटक वाहन, निजी वाहन, बसें और भारी मालवाहक वाहन शामिल हैं। ख़ासकर ट्रक चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे ज़रूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी बाधित हो रही है।
टूटी सडक़ें बनी मुसीबत
गोहर पंडोह, कमांद-कटौला बजौरा जैसे वैकल्पिक मार्गों की हालत भी बेहद दयनीय है। एक तरफ बारिश और दूसरी तरफ ओवरलोडिंग ने इन सडक़ों को असुरक्षित बना दिया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा करने से बचें और प्रशासन या पुलिस द्वारा जारी अपडेट का पालन करें।
मौसम विभाग ने कहा अभी जारी रहेगी बरसात
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे भूस्खलन होने की संभावना है। चार मील का यह इलाका मानसून के मौसम में अक्सर भूस्खलन का केंद्र बन जाता है, जिससे न केवल पर्यटकों, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी बड़ी चुनौती पैदा हो जाती है।
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