जालंधर/चंडीगढ़, 5 फरवरी : डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोशल मीडिया टिप्पणी के बाद पंजाब की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। अब विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा भी इस मुद्दे पर खुलकर सामने आ गए हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की टिप्पणी न केवल अनुचित है, बल्कि यह पंजाबी विरासत और संत समाज की मर्यादा के भी खिलाफ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह देते हुए कहा कि वह “स्टेज संभालने के बजाय राज्य संभालने पर ध्यान दें।”
‘एक्स’ पर लिखी गई पोस्ट बनी विवाद की जड़
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लिखा था— “कल बन जाएं चाहे आज बन जाएं, अदालतों का वहां रब राखा, जहां मुलाकाती ही जज बन जाएं।” इसी टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा को पढ़कर उनका मन बेहद दुखी हुआ है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और अखबारों में छपी खबरों ने उन्हें गहरी ठेस पहुंचाई है।
पंजाब के इतिहास में पहली बार: बाजवा
बाजवा ने दावा किया कि पंजाब के इतिहास में किसी भी मुख्यमंत्री ने कभी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा और जिम्मेदारी को समझना चाहिए। मुख्यमंत्री के बयान और उस पर विपक्ष की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद साफ है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है।
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