फगवाड़ा, 19 जनवरी : माघी मेले के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा दिए गए बयान का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। यह बयान शहीद भगत सिंह नगर जिले के राजा नौंआबाद गांव में स्थित धन-धन श्री नाभ कंवल जी के स्थान पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों को लेकर दिया गया था, जिसे लेकर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों में रोष पाया जा रहा है।
श्रद्धालुओं की भावनाओं को पहुंची ठेस
इस संबंध में मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा युवा मोर्चा के जिला जनरल सचिव लोकेश बाली ने कहा कि राजा साहिब के इस पवित्र स्थान पर प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु नतमस्तक होते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को सत्ता का नशा करार देते हुए कहा कि बिना तथ्य जांचे इस तरह के बयान देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे देश-विदेश में रहने वाले श्री नाभ कंवल जी महाराज के श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
लोकेश बाली ने कहा कि यह स्थान आस्था का एक बड़ा केंद्र है, जहां पंजाब ही नहीं बल्कि देश और विदेश से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। यहां लाखों लोगों की गहरी श्रद्धा जुड़ी हुई है, ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा माघी मेले के दौरान रैली में लगाए गए कथित बेबुनियाद आरोपों की हर ओर निंदा हो रही है।
एसआईटी कार्रवाई की भी आलोचना
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री के बयान के साथ-साथ प्रबंधन समिति के खिलाफ एसआईटी की कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई भी पूरी तरह से अनुचित है और इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। लोकेश बाली ने मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार पंजाब के लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में असफल रही है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के निराधार बयान दिए जा रहे हैं।

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