नई दिल्ली: भभुआ में खेतों में फसल अवशेष जलाने वाले जिले के 42 किसानों की पहचान कर ली गई है। इन सभी किसानों की डीबीटी बंद कर दी गई है। भभुआ प्रखंड के 16 किसानों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इस संबंध में प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी शिव जी कुमार ने बताया कि खेतों में फसल अवशेष न जलाने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
इसके बावजूद फसल अवशेष जलाने वाले 42 किसानों की पहचान की गई है। इन सभी किसानों की डीबीटी तीन साल से बंद है। वे तीन साल तक कृषि विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा उनसे गेहूं भी नहीं खरीदा जाएगा।
16 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं कृषि समन्वयक को निर्देश दिया गया है कि वे फसल अवशेष न जलाने के संबंध में किसानों के बीच जागरूकता फैलाएं। इसके अलावा भभुआ प्रखंड के 16 किसानों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
भभुआ में दो, भगवानपुर में सात, चांद में नौ, मोहनिया में 21 और रामगढ़ में तीन लोगों को फसल अवशेष जलाने के आरोप में चिन्हित किया गया है। जबकि 16 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

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