नई दिल्ली, 2 जुलाई : पुराने वाहनों को लेकर दिल्ली सरकार की सख्ती का असर दिखने लगा है। मर्सिडीज-बेंज का नाम सुनते ही आपके दिमाग में स्टेटस, लग्जरी और सपने सच होने की बात आती है। लेकिन अगर आपने मेहनत करके 84 लाख रुपये की कार खरीदी हो और कुछ सालों में उसे सिर्फ 2.5 लाख रुपये में बेचना पड़े तो यह किसी सदमे से कम नहीं है। दिल्ली निवासी वरुण विज को इस कड़वे अनुभव से तब गुजरना पड़ा जब उन्हें 1 जुलाई 2025 से लागू होने वाले दिल्ली सरकार के नए वाहन नियमों के चलते अपनी मर्सिडीज-बेंज एम.एल. 350 बेहद कम कीमत पर बेचनी पड़ी।
10 साल पुरानी मर्सिडीज बेचनी पड़ी
वरुण विज ने 2015 में अपनी पहली लग्जरी कार मर्सिडीज-बेंज ए.एल. 350 खरीदी थी। यह उनके जीवन में एक मील का पत्थर साबित हुआ। कार से जुड़ी उनकी कई यादें हैं, खासकर तब जब वे हर हफ्ते अपने बेटे को हॉस्टल से लेने जाते थे। विज कहते हैं कि उनकी कार अभी भी बहुत अच्छी हालत में है और उसने सिर्फ़ 1.35 लाख किलोमीटर की दूरी तय की है। इंजन में कोई समस्या नहीं थी, न ही बॉडी में कोई समस्या थी। सिर्फ़ नियमित टायर बदले जाते थे और सर्विसिंग की जाती थी।
लेकिन 10 साल पूरे होने के बाद, कार अब दिल्ली के नियमों के तहत ‘अवैध’ हो गई, क्योंकि यह डीजल से चलती थी। न तो इसका रजिस्ट्रेशन रिन्यू हो सकता था, न ही ईंधन उपलब्ध हो सकता था। आखिरकार, उन्हें अपनी 84 लाख रुपये की मर्सिडीज को सिर्फ 2.5 लाख रुपये में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि इतनी कम कीमत पर भी कोई इसे खरीदने को तैयार नहीं था।
इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर कदम
नियम से परेशान वरुण विज ने अब 62 लाख रुपए की इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीद ली है। उनका कहना है कि अब वे चाहते हैं कि यह गाड़ी 20 साल तक चले, अगर सरकार ने नई नीति फिर से लागू नहीं की। उन्होंने कहा कि आज बहुत से लोग उन्हें फोन कर रहे हैं – वे भी इसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। लोगों में भ्रम और चिंता का माहौल है क्योंकि न तो सभी को स्क्रैपिंग के बारे में पता है और न ही कोई दूसरा विकल्प है।
इस निर्णय से कितने लोग प्रभावित होंगे?
दिल्लीमें करीब 62 लाख वाहन इस नियम के दायरे में आ सकते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में वाहन अब पंजीकरण के लिए अयोग्य हो जाएंगे। सरकार का कहना है कि पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर प्रोत्साहन दिया जा सकता है और नए वाहनों पर छूट दी जा सकती है, लेकिन अधिकांश लोग अभी भी इस प्रक्रिया से अनजान हैं या असहज हैं।
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