January 9, 2026

रेहड़ी-पटड़ी वालों के लिए मोदी सरकार ने खोला खजाना

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नई दिल्ली, 28 अगस्त : केंद्र की मोदी सरकार ने देश के रेहड़ी-पटरी वालों के लिए अपना खजाना खोल दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 7,332 करोड़ रुपये की ‘प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना’ का पुनर्गठन किया। इसकी अवधि 31 मार्च, 2030 तक बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही, सरकार ने इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को दिए जाने वाले ऋण की सीमा बढ़ाने का भी फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई।

आपको बता दें कि सरकार ने कर्नाटक, तेलंगाना, बिहार और असम को लाभ पहुंचाने वाली तीन परियोजनाओं के मल्टी-ट्रैकिंग और गुजरात में कच्छ के दूरदराज के इलाकों को जोड़ने के लिए एक नई रेलवे लाइन को भी मंजूरी दी है। ‘प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि’ (पी. एम. स्वनिधि योजना) सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसे 1 जून, 2020 को कोविड-19 महामारी के दौरान लॉन्च किया गया था। उस समय रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे विक्रेता सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे। उनके व्यवसाय को पुनर्जीवित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से, उन्हें आसान शर्तों पर सस्ता ऋण उपलब्ध कराने के लिए यह योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वाले, ठेले वाले, फेरीवाले और छोटे दुकानदार बिना गारंटी के बैंक से ऋण लेते हैं।

ऋण सीमा बढ़ाई गई

इस योजना का पुनर्गठन करने के बाद, केंद्र की मोदी सरकार ने अब ऋण सीमा भी बढ़ा दी है। इस योजना के तहत, ऋण की पहली किस्त 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये और दूसरी किस्त 20,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है। तीसरी किस्त पहले की तरह 50,000 रुपये ही रहेगी।

डिजिटल भुगतान और क्रेडिट कार्ड सुविधा

सरकार ने इस योजना में आधुनिक सुविधाएँ भी जोड़ी हैं। समय पर दूसरी किस्त चुकाने वाले विक्रेताओं को अब UPI से जुड़ा ‘RuPay’ क्रेडिट कार्ड मिलेगा। इसके ज़रिए वे अपनी अचानक आने वाली व्यावसायिक और व्यक्तिगत ज़रूरतों को पूरा कर सकेंगे। इसके साथ ही, खुदरा और थोक लेन-देन में डिजिटल भुगतान अपनाने वाले विक्रेताओं को 1,600 रुपये तक का कैशबैक प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।

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