January 10, 2026

एन.डी.ए. के सी.पी. राधाकृष्णन देश के 15वें उप राष्ट्रपति चुने गए

एन.डी.ए. के सी.पी. राधाकृष्णन देश...

नई दिल्ली, 10 सितम्बर : सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार सी पी राधाकृष्णन आज देश के 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए। उपराष्ट्रपति चुनाव में राधाकृष्णन ने विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवार जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से हराया। रिटर्निंग ऑफिसर पीसी मोदी ने बताया कि राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। मतगणना से राधाकृष्णन के पक्ष में कुछ क्रॉस वोटिंग के संकेत मिले हैं।

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि कम से कम 15 विपक्षी सांसदों ने एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। इससे पहले, कांग्रेस ने दावा किया था कि विपक्ष एकजुट है और उसके सभी 315 सांसदों ने उपराष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लिया है।

760 से ज़्यादा सांसदों ने अपने वोट डाले

मोदी ने बताया कि कुल 767 सांसदों ने मतदान किया, जो 98.2 प्रतिशत है। इनमें से 752 वैध और 15 मत अवैध घोषित किए गए। एक डाक मतपत्र इसलिए खारिज कर दिया गया क्योंकि सांसद ने मतदान करने से इनकार कर दिया था। मतदान प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत 760 से ज़्यादा सांसदों ने अपने वोट डाले।

इस चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य भाग लेते हैं और इसमें कोई व्हिप जारी नहीं किया जाता है। देश के 15वें उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में पांच सीटें रिक्त हैं) और 12 मनोनीत सदस्य और लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में एक सीट रिक्त है) शामिल थे। निर्वाचक मंडल में कुल 788 सदस्य (वर्तमान में 781) हैं।

मुर्मू, मोदी, धनखड़ और शाह ने राधाकृष्णन को बधाई दी

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज अपने उत्तराधिकारी सी पी राधाकृष्णन को बधाई देते हुए कहा कि उनका विशाल अनुभव उपराष्ट्रपति पद की प्रतिष्ठा को और बढ़ाएगा। जुलाई में उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद धनखड़ का यह पहला सार्वजनिक बयान है। उनके अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राधाकृष्णन को उनकी जीत पर बधाई दी।

राधाकृष्णन का स्वयंसेवक से उपराष्ट्रपति तक का सफर

देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद तक पहुँच चुके सी पी राधाकृष्णन युवावस्था में ही आरएसएस और जनसंघ से जुड़ गए थे। उन्होंने 1990 के दशक के अंत में कोयंबटूर से दो बार लोकसभा चुनाव जीता और राधाकृष्णन के समर्थक उन्हें ‘तमिलनाडु का मोदी’ कहते हैं। उपराष्ट्रपति के रूप में उनका सफर अलग होगा, और उनके सामने कई चुनौतियाँ होंगी।

राज्यसभा के सभापति के रूप में सबसे बड़ी चुनौती सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संतुलन बनाए रखना होगा, क्योंकि विपक्ष ने पिछले कुछ वर्षों में सभापति की निष्पक्षता पर कई सवाल उठाए हैं। भाजपा ने राधाकृष्णन (67) को कई राज्यों का राज्यपाल बनाया है। अभी तक वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे।

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