लखनऊ, 30 मई 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि सामान्य जीवन में अहिंसा सर्वोच्च धर्म होना चाहिए, लेकिन देश और समाज की सुरक्षा खतरे में हो तो अंततः हिंसा को अपनाना पड़ता है। वे यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ यहां ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण करने के बाद अपने संबोधन में बोले।
योगी ने कहा कि सुरक्षा के मोर्चे पर मजबूती रहे तो दुनिया भी आपसे मैत्री करेगी, पर कमजोर होने पर कोई साथ नहीं देता। उन्होंने यह विचार हमारी ऋषि परंपरा से जोड़ा और कहा, “अहिंसा परमो धर्म:, धर्म हिंसा तदैव च” यानी सामान्य जीवन में अहिंसा सर्वोपरि है, पर जब किसी देश या समाज की सुरक्षा पर आघात हो तो अहिंसा काम नहीं आती।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में हिंसा को अपनाना देश की रक्षा का कर्तव्य बन जाता है और भारतीय सेना यह जिम्मेदारी पूरी मजबूती से निभाती है। उन्होंने नौसेना शौर्य वाटिका का महत्व बताते हुए कहा कि इससे राज्य के युवाओं को नौसेना के शौर्य को नई सोच के साथ देखने, सुनने और जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि वाटिका के पहले चरण का लोकार्पण आज किया गया है और आगे काम जारी रहेगा।
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