श्रीनगर, 18 अगस्त : उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब पहाड़ी क्षेत्र के वारनो जंगल में बादल फटने की घटना हुई। सोमवार दोपहर अचानक आई बाढ़ के कारण इलाके में पानी का बहाव बढ़ गया, जिससे दहशत फैल गई। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में यह चौथी बड़ी घटना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इलाके में कम से कम तीन दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताया है। बादल फटने की कई घटनाओं के बीच प्रशासन ने जोखिम वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
अधिकारियों ने डल झील क्षेत्र के आसपास सभी गतिविधियाँ स्थगित कर दी हैं। नदियों और नालों के पास रहने वाले निवासियों को हर समय सतर्क रहने को कहा गया है।किश्तवाड़ जिले में लगातार भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद, खोज एवं बचाव अभियान पांचवें दिन भी जारी रहा। चिशोती में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ में अब तक 64 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस घटना में 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।
आज अभियान का पाँचवाँ दिन है और लापता लोगों के शवों को निकालने के लिए संयुक्त प्रयास जारी हैं। बारिश के कारण मौसम चुनौतीपूर्ण है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), सीआईएसएफ, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), नागरिक प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक बचाव अभियान में लगे हुए हैं।

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