चंडीगढ़, 29 मई : पंजाब सरकार के परिवार कल्याण विभाग ने राज्य के सभी डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि वे अब मरीजों के लिए दवा की पर्ची और रोग का निदान बड़े या मोटे अक्षरों में लिखें। ये आदेश पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा 26 मई, 2025 को दिए गए नवीनतम निर्देशों के बाद जारी किए गए हैं। विभाग के निदेशक (परिवार कल्याण) द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्ची पर लिखी जानकारी स्पष्ट और पढऩे में आसान हो।
दवाओं के गलत वितरण पर लगे लगाम
इससे दवाओं के गलत वितरण या गलत समझ की समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी। ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे तथा सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों पर लागू होंगे। यहां यह भी ध्यान रखना चाहिए कि पहले कम्प्यूटरीकृत पर्चियां लिखने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नए आदेशों के अनुसार अब हस्तलिखित पर्चियां भी बड़े मोटे अक्षरों में होनी चाहिए।
विभाग ने सभी सिविल सर्जनों और संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उनके अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत सभी डॉक्टर इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
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