चंडीगढ़, 18 सितंबर 2026: भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी(एसएमएचए) में 11 ग़ैर-सरकारी सदस्यों को मनोनीत किया है, जिससे राज्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी। यह कदम पंजाब में मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों के अधिकारों की रक्षा और अधिक जवाबदेह मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है।
मज़बूत स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी द्वारा मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के क्रियान्वयन की निगरानी की जाएगी तथा अधिनियम के अनुरूप मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी, विनियमन और गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य सरकार की प्रमुख पहल ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के तहत मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति सेवाओं के विस्तार के बीच यह कदम विशेष महत्त्व रखता है।
स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के नियमन के लिए राज्य की सर्वोच्च वैधानिक संस्था है, यह मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गुणवत्ता एवं सेवा मानक निर्धारित करने, संबंधित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों के रजिस्ट्रेशन तथा मानसिक स्वास्थ्य नीति से जुड़े मामलों में सरकार को सलाह देने का कार्य करता है।
अथॉरिटी के आधिकारिक सदस्यों में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और सामाजिक कल्याण विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं; वहीं, 11 ग़ैर-सरकारी मनोनीत सदस्य मनोचिकित्सकों, मनोवैज्ञानिकों, मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ताओं, नर्सों, मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों, देखभालकर्ताओं और गैर-सरकारी संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस प्रतिनिधित्व का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी नीतियाँ केवल प्रशासनिक और चिकित्सकीय विशेषज्ञता तक सीमित न रहें, बल्कि मरीज़ों, उनके परिवारों और उनके साथ निकटता से काम करने वाले लोगों के अनुभवों को भी ध्यान में रखा जाए।
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