नई दिल्ली, 26 जुलाई: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार, 26 जुलाई को गुजरात के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरे का उद्देश्य न केवल पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मज़बूत करना है, बल्कि 2026 के नगर निगम चुनावों और 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र कांग्रेस की रणनीतिक दिशा भी तय करना है। राहुल गांधी इस दौरान नवनियुक्त ज़िला अध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन करेंगे और साथ ही सहकारिता क्षेत्र, ख़ासकर दूध उत्पादन और अमूल मॉडल में भ्रष्टाचार पर पार्टी का रुख़ स्पष्ट करेंगे।
कांग्रेस एजेंडा: संगठन निर्माण से लेकर सहकारी सुधार तक
वडोदरा में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए, गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जीपीसीसी) के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा, “राहुल गांधी 26 जुलाई को वडोदरा हवाई अड्डे पर पहुँचेंगे और वहाँ से आणंद के लिए रवाना होंगे। वह आणंद के एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित ‘संगठन सृजन अभियान’ के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे।” यह शिविर न केवल कांग्रेस के लिए प्रशिक्षण का एक मंच होगा, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति तैयार करने का केंद्र बिंदु भी होगा।
कांग्रेस का नया आक्रामक मुद्दा
राहुल गांधी के गुजरात दौरे का एक अहम मकसद राज्य के सहकारी दुग्ध संघों में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना है। जीपीसीसी प्रमुख चावड़ा ने कहा, “भाजपा ने राज्य की सहकारी संस्थाओं पर सत्ता का नियंत्रण थोप दिया है। अमूल जैसे मॉडल, जिनकी स्थापना सरदार पटेल, त्रिभुवन दास पटेल और डॉ. कुरियन जैसे नेताओं ने की थी, अब भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हुए हैं।” चावड़ा ने बताया कि राहुल गांधी दुग्ध उत्पादक संघों के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करेंगे। यह बातचीत दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं और शिकायतों को समझने और इसे एक राजनीतिक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में पहला कदम होगा।

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