चंडीगढ़, 21 अप्रैल : चंडीगढ़ के एक सरकारी स्कूल में 24 महिला कर्मचारियों ने अपने ही एक पुरुष सहकर्मी पर यौन उत्पीड़न और धमकियों के गंभीर आरोप लगाए हैं।शिकायत दर्ज हुए दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपी शिक्षक अब भी उसी स्कूल में कार्यरत है और कथित पीड़ितों के साथ ही दफ्तर साझा कर रहा है। महिला कर्मचारियों ने 12 फरवरी को ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम’ के तहत स्कूल की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) को औपचारिक शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी का व्यवहार कार्यस्थल को “असुरक्षित, अपमानजनक और भयपूर्ण” बना रहा है।
लगातार अपमानजनक और धमकी भरा व्यवहार
शिकायतकर्ताओं के अनुसार आरोपी पर निम्न आरोप लगाए गए हैं, अपमानजनक और अश्लील भाषा का प्रयोग। मौखिक धमकियां और डराना-धमकाना। महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली शारीरिक हरकतें। शिकायत में इसे अलग-अलग घटनाएं न बताकर “लगातार आक्रामक व्यवहार का पैटर्न” बताया गया है। महिलाओं ने मांग की है कि शिकायत को तुरंत औपचारिक रूप से दर्ज किया जाए। मामले को तुरंत ICC के समक्ष जांच के लिए रखा जाए। अंतरिम सुरक्षा उपाय तुरंत लागू किए जाएं। शिकायतकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने पर वे आपराधिक कार्रवाई का सहारा लेंगी।
प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल
गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक आरोपी का न तो तबादला किया गया है और न ही महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है।
पीड़ितों का कहना है कि वे आरोपी की मौजूदगी में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के लिए तीन सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों और एक वरिष्ठ अधिकारी को शामिल कर एक अलग पैनल बनाया है। वहीं, स्कूल की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) भी अपनी अलग जांच कर रही है।

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