February 12, 2026

युवा पीढ़ी का खेती से घटता रुझान, पंजाब में खेती से दूर हो रहे युवा मजदूर

युवा पीढ़ी का खेती से घटता रुझान...

चंडीगढ़, 12 फरवरी : पंजाब में खेती क्षेत्र से युवा मजदूरों का रुझान लगातार कम हो रहा है, जबकि अन्य राज्यों में ऐसा रुझान स्पष्ट रूप से नहीं दिखता। राज्य में खेती से जुड़े अधिकांश मजदूर 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं। राष्ट्रीय औसत के अनुसार 51.53 प्रतिशत कृषि मजदूर 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के हैं, जबकि पंजाब में यह आंकड़ा केवल 47.22 प्रतिशत है। पड़ोसी राज्य हरियाणा में इसी आयु वर्ग के 50.17 प्रतिशत मजदूर खेती में कार्यरत हैं। इन आंकड़ों में किसानों को शामिल नहीं किया गया है।

ई-श्रम पोर्टल के आंकड़ों से खुलासा

केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने असंगठित मजदूरों को पंजीकृत करने के लिए 26 अगस्त 2021 से राष्ट्रीय पोर्टल (ई-श्रम) शुरू किया था। पंजाब में अब तक 59.42 लाख असंगठित मजदूर पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें से 14.24 लाख मजदूर कृषि क्षेत्र से संबंधित हैं। पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार पंजाब की खेती में 52.76 प्रतिशत मजदूर 40 वर्ष से अधिक आयु के हैं।

प्रवासी मजदूरों पर बढ़ती निर्भरता

पंजाब में अनुमानित 65 लाख परिवार हैं, जबकि असंगठित मजदूरों की संख्या 59.42 लाख है। नई पीढ़ी खेती से दूर होती जा रही है और खेतों में मजदूरी करने को भी प्राथमिकता नहीं दे रही। यही कारण है कि राज्य की खेती में प्रवासी मजदूरों पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। पंजाब के कृषि मजदूरों में 56.64 प्रतिशत महिलाएं और 43.35 प्रतिशत पुरुष हैं। अन्य क्षेत्रों में निर्माण कार्य में 9.68 लाख और घरेलू क्षेत्र में 9.17 लाख मजदूर पंजीकृत हैं।

‘दलित युवा अधिक जागरूक हुआ’

हरियाणा में कुल 54.23 लाख, राजस्थान में 1.52 करोड़ और पूरे देश में 31.51 करोड़ असंगठित मजदूर पंजीकृत हैं। इनमें से 16.30 करोड़ कृषि क्षेत्र से जुड़े हैं। मध्य प्रदेश (57.17%), बिहार (55.90%), उत्तर प्रदेश (57.08%), राजस्थान (57.61%) और गुजरात (48.49%) में 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के कृषि मजदूरों का प्रतिशत पंजाब से अधिक है।

पंजाब खेत मजदूर यूनियन के महासचिव लछमन सिंह सेवावाला ने कहा कि दलित युवा अब अधिक जागरूक हो गया है और खेती के बजाय अन्य विकल्पों को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि खेती में दिहाड़ी कम है, दबाव अधिक हैं और काम नियमित रूप से उपलब्ध नहीं होता। हालांकि धान की रोपाई के समय युवाओं की भागीदारी बढ़ जाती है।

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