नई दिल्ली, 29 मार्च : ईरान ने मिनाब में एक स्कूल पर हुए हमले के लिए दो अमेरिकी नौसेना अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान ने इन दोनों अधिकारियों की तस्वीरें भी जारी की हैं और दावा किया है कि इन्होंने तीन टॉमहॉक मिसाइल दागने का आदेश दिया था।
इस महीने की शुरुआत में ईरान के मिनाब में एक प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले में करीब 165 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल थे। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी बयानों से संकेत मिलता है कि इस हमले के पीछे अमेरिकी सेना की भूमिका हो सकती है।
कई बच्चों की मौत
इन दोनों अधिकारियों की पहचान यूएसएस स्प्रूअन्स के कमांडर लीह आर. टेट और एग्जीक्यूटिव ऑफिसर जेफरी ई. यॉर्क के रूप में हुई है। अमेरिकी सेना की शुरुआती जांच में कहा गया है कि यह मिसाइल हमला टारगेटिंग में हुई गलती का नतीजा था, जिसमें कई बच्चों की जान चली गई।
असल में निशाना कुछ और था
बताया जा रहा है कि यह हमला स्कूल के पास स्थित एक सैन्य परिसर को निशाना बनाकर किया गया था, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक बेस का हिस्सा था। हालांकि, मिसाइल अपने लक्ष्य से भटक गई और स्कूल पर जा गिरी। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है।
अमेरिका में भी उठे सवाल
इस घटना को लेकर अमेरिका में भी जांच की मांग तेज हो गई है। 45 से ज्यादा डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ को पत्र लिखकर इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने पूछा है कि क्या अमेरिका इस हमले के लिए जिम्मेदार था और लक्ष्य तय करने से पहले किन सावधानियों का पालन किया गया था।

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