पिथौरागढ़, 21 मार्च : भारत और चीन के बीच उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रा मार्ग से सीमा व्यापार इस साल फिर से शुरू होने जा रहा है। करीब छह साल के अंतराल के बाद दोनों देशों के बीच यह पारंपरिक व्यापार बहाल होगा। पिथौरागढ़ के जिला मजिस्ट्रेट आशीष भटगई ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद व्यापार सत्र की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यह सत्र हर साल की तरह जून से सितंबर तक संचालित होगा।
विदेश मंत्रालय से मिली मंजूरी
यह फैसला विदेश मंत्रालय द्वारा एनओसी (No Objection Certificate) जारी किए जाने के बाद लिया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार बहाली का रास्ता साफ हुआ। जानकारी के अनुसार, विक्रम मिस्री ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन को पत्र लिखकर हिमालयी दर्रे के जरिए व्यापार फिर से शुरू करने का अनुरोध किया था।
इस प्रक्रिया में गृह मंत्रालय और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की आवश्यक स्वीकृतियां भी शामिल हैं, जिसके बाद अब व्यापार बहाली का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। गौरतलब है कि लिपुलेख दर्रे के जरिए होने वाला यह व्यापार भारत-चीन के बीच पारंपरिक और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए काफी अहम माना जाता है।
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