नई दिल्ली, 12 सितम्बर : नियमों की अनदेखी कर सीधे पटरियों पर कदम रखते हैं यात्री, एक माह में 251 लोग ट्रैक पार करते पकड़े गए, रेलवे ने लगाया 45,100 रुपये जुर्माना जागरण संवाददाता, लुधियाना रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी के बावजूद यात्री ट्रैक पार करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कभी प्लेटफार्म बदलते समय तो कभी ट्रेन छूटने के डर से यात्री नियमों की अनदेखी कर सीधे पटरियों पर कदम रख देते हैं।
ट्रैक पार करते समय लोगों की जान भी जा चुकी है
पिछले एक माह में ट्रैक पार करते समय कुछ लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद लोगों ने कोई सबक नहीं लिया है। गुरुवार को जब फिरोजपुर-लोहिया दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन लुधियाना जंक्शन पर आ रही थी तो कुछ यात्री, कुली व अन्य कुछ लोग बेखौफ ट्रैक पार करते नजर आए । रेलवे नियमों के अनुसार ट्रैक पार करना पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, लेकिन कई रेल यात्री इसे रोजाना अनदेखा करते नजर आते हैं।
यह ऐसे समय में है जब ट्रैक पार करते समय कुछ लोगों की जान जा चुकी है और कई पर जुर्माना लगाया जा चुका है। पिछले एक माह में ही 5 से अधिक यात्रियों की ट्रैक पर कटकर मौत हो चुकी है। 1 अगस्त से 1 सितंबर तक 251 लोग ट्रैक पार करते पकड़े गए। रेलवे ने इस पर 45,100 रुपये का जुर्माना लगाया, लेकिन इस खतरनाक आदत में कोई कमी नहीं आई है। हालांकि लुधियाना रेलवे स्टेशन पर अक्सर सुरक्षा एजेंसी के जवान प्लेटफॉर्म पर तैनात रहते हैं, लेकिन उनकी मौजूदगी के बावजूद लोग बिना देखे ट्रैक पार कर जाते हैं ।
गौरतलब है कि लुधियाना से 200 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है। रेलवे स्टेशन से करीब 20,000 यात्री आते-जाते हैं, जबकि आने वाले दिनों में त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। लुधियाना रेलवे स्टेशन से बड़ी संख्या में यात्री यूपी, बिहार व अन्य राज्यों में जाते हैं। इस दौरान यात्रियों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर भीड़ के कारण ट्रैक पार करने की घटनाओं में और बढ़ोतरी होने की आशंका है।
रेलवे प्रबंधन भी सतर्क
ऐसे में रेलवे प्रबंधन भी सतर्क हो गया है और यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार न करें । रेलवे प्रशासन के अनुसार आम यात्री के लिए ट्रेन की गति व दिशा का अंदाजा लगाना संभव नहीं होता। ऐसे में छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसके बावजूद, यात्री शॉर्टकट अपनाने की कोशिश करते हैं। दूसरी ओर, सुरक्षा एजेंसी पर भी सवाल उठ रहे हैं कि वह यात्रियों को समय पर रोकने में नाकाम रही है।
ऐसे में, सिर्फ़ जुर्माने या चेतावनी से स्थिति नहीं सुधरेगी। रेलवे को स्टेशन पर जागरूकता अभियान चलाने की ज़रूरत है। इसके अलावा, ग्रिल लगाने जैसे ठोस कदम भी उठाए जा सकते हैं। यात्रियों को भी अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नियमों का पालन करना चाहिए।
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