February 23, 2026

ए.आई. की मदद से हिमाचल में आने वाली आफत का पहले से लगेगा पता

ए.आई. की मदद से हिमाचल में आने वाली...

शिमला, 2 अगस्त : पिछले कुछ वर्षों से आपदाओं से व्यापक नुकसान झेल रहा हिमाचल प्रदेश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर निर्भर करेगा। बादल फटने और बाढ़ के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से भी ज़ोन चार और पाँच में आता है। अब बारिश और भूकंप जैसी आपदाओं से निपटने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की जा रही है, जिसका उद्देश्य आपदाओं के प्रभाव को कम करना और जनहानि को रोकना है।

यह योजना चार प्रमुख उपायों पर केंद्रित है, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग, उचित जल निकासी, स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण और भूकंपरोधी घरों का निर्माण शामिल है।

पिछले तीन वर्षों में मानसून के दौरान राज्य को 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में, आपदा प्रबंधन के अंतर्गत एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसमें आपदा पूर्व प्रबंधन हेतु 980 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित की जाएगी, जो एआई तकनीक से लैस होगी। यह प्रणाली वास्तविक समय के आंकड़े उपलब्ध कराएगी, जिससे आपदा से पहले और बाद की स्थिति की समीक्षा की जा सकेगी।

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