चंडीगढ़, 16 अक्तूबर : राज्य के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के मामले की जांच कर रहे रोहतक के साइबर सेल के एएसआई संदीप लाठर की आत्महत्या अनुसूचित जाति की आवाज दबाने के लिए की गई सुनियोजित हत्या भी हो सकती है।
हरपाल चीमा वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले में हरियाणा के डीजीपी और रोहतक के एसपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद राजभवन के बाहर पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह का वीडियो सामने आया है, उससे हत्या की आशंका है और इसमें किसी भी एजेंसी का हाथ हो सकता है।
“एडीजीपी की आत्महत्या कोई छोटी बात नहीं”
उन्होंने कहा कि एएसआई ने पहले अपने पूरे बयान का वीडियो बनाया और फिर आत्महत्या कर ली। अनुसूचित जाति के सांसदों, विधायकों, एससी विंग के प्रमुख और आम आदमी पार्टी से जुड़े अन्य नेताओं के साथ राज्यपाल से मुलाकात करते हुए चीमा ने मांग की कि अनुसूचित जाति से संबंधित एडीजीपी की आत्महत्या कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिला है।
चीमा ने कहा कि राज्यपाल, जो चंडीगढ़ के प्रशासक भी हैं, ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो आम आदमी पार्टी गाँव-गाँव जाकर लोगों को भाजपा के खिलाफ एकजुट करेगी।
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