नई दिल्ली, 9 दिसम्बर : केंद्र ने आज सुप्रीम कोर्ट में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की उस याचिका का विरोध किया जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अपनी हिरासत से जुड़े एक मामले में जोधपुर जेल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की अनुमति मांगी थी। शीर्ष अदालत वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि वांगचुक की हिरासत अनुचित है।
अंगमो की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ को बताया कि कार्यकर्ता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल से जुड़ना चाहते हैं और उन्होंने इसके लिए पीठ से अनुमति मांगी है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का विरोध करते हुए कहा, “हमें देश भर के सभी आरोपियों के साथ समान व्यवहार करना होगा।” सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 15 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी है।
यह भी देखें : सरकार की ओर से देरी नहीं, जांच के नतीजों का इंतजार: नागरिक उड्डयन सचिव

More Stories
रूस से 6 करोड़ बैरल तेल खरीद, क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
क्या सोना अब भी सुरक्षित निवेश? जंग के बीच ट्रंप फैक्टर से बढ़ी उलझन
पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी, LPG की कोई कमी नहीं, केंद्र का स्पष्टीकरण