नई दिल्ली, 25 दिसम्बर : हर साल 25 दिसंबर को, प्रभु यीशु के जन्म का पर्व विश्व भर में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार खुशियाँ बाँटने और मिलजुलकर रहने का संदेश देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस उत्सव से जुड़ी कुछ ऐसी बातें हैं जो इसे अन्य त्योहारों से अलग बनाती हैं?
आज इस लेख में हम आपको एक ऐसे ही रोचक तथ्य के बारे में बताने जा रहे हैं। आपने गौर किया होगा कि हम अन्य त्योहारों पर ‘हैप्पी’ शब्द का प्रयोग करते हैं, लेकिन क्रिसमस के मौके पर हम एक-दूसरे को ‘मेरी क्रिसमस’ कहकर बधाई देते हैं। इसके पीछे एक खास वजह है। आज इस लेख में हम आपको इसी वजह के बारे में बताएंगे। आइए जानते हैं इसे ‘मेरी क्रिसमस’ क्यों कहा जाता है।
क्यों न ‘मेरी क्रिसमस’ कहा जाए?
लोग अक्सर सोचते हैं कि दिवाली या नए साल पर हम “हैप्पी” शब्द का इस्तेमाल क्यों करते हैं, तो क्रिसमस पर “मेरी” क्यों? दरअसल, पुराने समय में “हैप्पी क्रिसमस” कहना आम बात थी। आज भी ब्रिटिश शाही परिवार और दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय “हैप्पी क्रिसमस” कहा करते थे।
मेरी क्रिसमस पहली बार कब कहा गया था?
18वीं शताब्दी से पहले, “मेरी क्रिसमस” और “हैप्पी क्रिसमस” दोनों का प्रयोग किया जाता था। हालाँकि, “मेरी क्रिसमस” के प्रयोग का पहला लिखित प्रमाण 1534 का है, जब एक बिशप ने शाही मंत्री थॉमस क्रॉमवेल को लिखे पत्र में इसका प्रयोग किया था।
इस शब्द के लोकप्रिय होने की बात करें तो, “मेरी क्रिसमस” वाक्यांश ने 1843 में सबका ध्यान आकर्षित किया और इसे लोकप्रिय बनाने का श्रेय प्रसिद्ध लेखक चार्ल्स डिकेंस को जाता है। उन्होंने अपनी उत्कृष्ट कृति “ए क्रिसमस कैरल” में इस शब्द का इतना प्रभावी ढंग से प्रयोग किया कि यह दुनिया भर में घर-घर में जाना जाने लगा।

More Stories
UP होमगार्ड भर्ती: लिखित परीक्षा के नतीजे जारी, 41,424 पदों के लिए सफल उम्मीदवारों की सूची आ गई
पुणे मर्डर केस में नया खुलासा, सिया और चेतन ने गूगल पर सर्च किया ‘लोहगढ़ डेथ पॉइंट’
दिल्ली में 4 जुलाई को 300 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें जनता को होंगी समर्पित