फिरोजपुर, 5 जनवरी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिरोजपुर दौरे के दौरान हुई सुरक्षा चूक के मामले में पंजाब पुलिस चार साल बाद भी आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश नहीं कर सकी है। डीएसपी सब-डिवीजन करण शर्मा ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और फिलहाल कोर्ट में चालान दाखिल नहीं किया गया है।
भाजपा ने बताया साजिश
भाजपा के जिला प्रधान सरबजीत सिंह बॉबी ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने सोची-समझी साजिश के तहत प्रधानमंत्री मोदी के काफिले को रोका था। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री रैली में शामिल होते तो पंजाब को अरबों रुपये के विकास प्रोजेक्ट मिलते। सिर्फ फिरोजपुर ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं को रैली में शामिल होने से रोका गया था। भाजपा के पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुशील गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का पंजाब और पंजाबियों से पुराना और गहरा नाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के भेष में कुछ असामाजिक तत्वों ने यह शर्मनाक हरकत की थी, जिनका पर्दाफाश किया जाना जरूरी है।
5 जनवरी 2022 की घटना, 15 मिनट तक रुका काफिला
5 जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री मोदी को फिरोजपुर में पीजीआई सैटेलाइट सेंटर का शिलान्यास करना था और विधानसभा चुनावों से पहले राज्य को कई सौगातें देनी थीं। खराब मौसम के कारण उनका हेलिकॉप्टर बठिंडा में उतारा गया, जिसके बाद वे सड़क मार्ग से फिरोजपुर जा रहे थे। इसी दौरान रैली स्थल से करीब 7 किलोमीटर पहले किसानों ने धरना लगाकर प्रधानमंत्री का काफिला रोक दिया। काफिला लगभग 15 मिनट तक वहीं रुका रहा, बाद में वापस लौट गया।
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