चंडीगढ़, 6 मार्च : पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में औसतन 1 रुपये प्रति यूनिट की कटौती की गई है। इस फैसले के बाद 1 अप्रैल से सभी वर्गों के उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट बिजली 50 पैसे से लेकर डेढ़ रुपये तक सस्ती मिलेगी। पंजाब राज्य बिजली नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का टैरिफ ऑर्डर जारी कर दिया है।
बिजली आपूर्ति की औसत लागत घटी
आयोग के अनुसार बिजली आपूर्ति की औसत लागत 7.15 रुपये प्रति यूनिट से घटकर 6.16 रुपये प्रति यूनिट रह गई है। इसी आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बिजली दरों में कटौती की गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए बिजली दर 5 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है, जो देश में सबसे कम मानी जा रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
नई दरों के अनुसार दो किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक बिजली 1.55 रुपये प्रति यूनिट सस्ती मिलेगी, जबकि 300 यूनिट से अधिक खपत पर 70 पैसे प्रति यूनिट की कटौती की गई है। इसी तरह 2 से 7 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 300 यूनिट तक बिजली 1.47 रुपये प्रति यूनिट सस्ती की गई है और 300 यूनिट से ऊपर 70 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है।
गैर-आवासीय आपूर्ति के लिए बिजली दरों में लोड के आधार पर 50 से 79 पैसे प्रति यूनिट तक कमी की गई है। स्मॉल पावर सप्लाई में 12 पैसे, मीडियम सप्लाई में 42 पैसे और लार्ज सप्लाई में 70 से 74 पैसे प्रति यूनिट तक की कटौती की गई है। कृषि ट्यूबवेल की बिजली दरों में 1.32 रुपये प्रति यूनिट की कमी की गई है। कृषि मोटरों के लिए बिजली की दर 6.70 रुपये से घटकर 5.38 रुपये प्रति यूनिट रह गई है।
पावरकॉम को हजारों करोड़ का लाभ
नए टैरिफ आदेश के अनुसार पावरकॉम को 2024-25 और 2026-26 के अनुमानों के मुताबिक 7851.91 करोड़ रुपये का लाभ हो रहा है। मौजूदा दरों पर वर्ष 2026-27 में पावरकॉम की आय 52,791.41 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यदि इस लाभ को शामिल किया जाए तो कंपनी को केवल 44,939.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय की आवश्यकता होगी, जिसके चलते टैरिफ कम किया गया है। नए टैरिफ में अदालतों में स्थित वकीलों के चैंबरों को भी सस्ती बिजली देने का प्रावधान किया गया है।
क्रॉस सब्सिडी का बोझ उद्योगों पर
केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार क्रॉस सब्सिडी 20 प्रतिशत के भीतर होनी चाहिए। नए टैरिफ आदेश में इस नियम का पालन किया गया है, लेकिन घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं की क्रॉस सब्सिडी नकारात्मक रूप में दोगुनी कर दी गई है, जिसका बोझ औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। श्री हरमंदिर साहिब और श्री दुर्गियाणा मंदिर के लिए बिजली दरों में केवल 31 पैसे प्रति यूनिट की कटौती की गई है। इन धार्मिक स्थलों को 2000 यूनिट तक बिजली पहले से ही मुफ्त मिलती है, इसलिए कुल मिलाकर उनकी दरों में 5 प्रतिशत से भी कम कमी आई है।
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