नई दिल्ली, 12 मार्च : लोकसभा में विपक्ष की ओर से स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आज ध्वनिमत (जुबानी वोट) से खारिज कर दिया गया। सदन में विपक्षी दलों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कुछ टिप्पणियों का विरोध करते हुए माफी की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। सदन की कार्यवाही चला रहे जगदंबिका पाल ने विपक्ष के शोर-शराबे के बीच ही प्रस्ताव को ध्वनिमत से खारिज किए जाने की घोषणा कर दी। प्रस्ताव पर बहस के दौरान स्पीकर ओम बिरला सदन में मौजूद नहीं थे।
वोटिंग से पहले भी जारी रहा हंगामा
जब गृह मंत्री अमित शाह ने बहस का जवाब दिया तो जगदंबिका पाल ने विपक्षी सांसदों से अपनी सीटों पर बैठने की अपील की ताकि प्रस्ताव पर मतदान कराया जा सके। लेकिन हंगामा जारी रहने के कारण प्रस्ताव को ध्वनिमत से ही खारिज कर दिया गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
अमित शाह ने विपक्ष की आलोचना की
बहस का जवाब देते हुए अमित शाह ने स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव को लेकर विपक्ष की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि संसद किसी राजनीतिक दल के नियमों से नहीं, बल्कि अपने स्थापित नियमों के अनुसार चलती है। शाह ने कहा कि लगभग चार दशकों बाद किसी लोकसभा स्पीकर के खिलाफ ऐसा प्रस्ताव लाया गया है, जो संसदीय परंपराओं के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दलों द्वारा स्पीकर की निष्पक्षता और ईमानदारी पर सवाल उठाना संसदीय राजनीति के लिए ठीक नहीं है।
स्पीकर को बताया सदन का निष्पक्ष संरक्षक
गृह मंत्री ने कहा कि संसदीय परंपराओं के अनुसार सदन की कार्यवाही आपसी विश्वास के आधार पर चलती है और स्पीकर सदन के निष्पक्ष संरक्षक होते हैं, जो सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि स्पीकर की ईमानदारी पर संदेह करना देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाने के समान है।
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