चंडीगढ़, 19 मार्च: पंजाब सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत राज्य भर में स्थापित वन स्टॉप सेंटरों के माध्यम से अब तक 17,651 महिलाओं को निःशुल्क और समेकित सहायता प्रदान की गई है। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इन वन स्टॉप सेंटरों में संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर त्वरित और समन्वित सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसमें चिकित्सा सुविधा, कानूनी सहायता, पुलिस सहयोग, मानसिक परामर्श, अस्थायी आवास और भोजन जैसी आवश्यक सेवाएं शामिल हैं।
वर्षवार बढ़ता विश्वास और पहुंच
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022–23 में 3,592 महिलाओं, 2023–24 में 3,633 महिलाओं, 2024–25 में 5,305 महिलाओं और 2025–26 में 5,121 महिलाओं को इन केंद्रों के माध्यम से सहायता दी गई। उन्होंने कहा कि ये बढ़ते आंकड़े सरकार की बढ़ती पहुंच और महिलाओं के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं।
मंत्री ने कहा कि ये आंकड़े केवल संख्या नहीं, बल्कि उन महिलाओं की कहानियां हैं जिन्होंने कठिन परिस्थितियों से निकलकर आत्मविश्वास और सम्मान के साथ अपने जीवन को फिर से संवारने की दिशा में कदम बढ़ाया है। वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के लिए सुरक्षा और सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब के सभी जिलों में वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं, ताकि किसी भी जरूरतमंद महिला को सहायता से वंचित न रहना पड़े।
महिला हेल्पलाइन 181 का करें उपयोग
डॉ. बलजीत कौर ने महिलाओं से अपील की कि वे वूमेन हेल्पलाइन नंबर 181 की जानकारी रखें और संकट के समय इसका उपयोग करें। उन्होंने कहा कि यह हेल्पलाइन महिलाओं के लिए सुरक्षा, सहारा और विश्वास की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है और भविष्य में भी इस दिशा में और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

More Stories
चुनाव आयोग ने SIR के तीसरे चरण की घोषणा की, हरियाणा में 1 जुलाई से शुरू होगा पुनरीक्षण
योगराज सिंह के खिलाफ चंडीगढ़ में FIR, वेब सीरीज में महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप
पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार कर दिल्ली लेकर गई ED की टीम