March 24, 2026

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत को महंगा तेल ऑफर, बढ़ी चिंता

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत को महंगा...

नई दिल्ली, 24 मार्च : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 80% तेल आयात करता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने भारत को कच्चा तेल सप्लाई करने की पेशकश की है, लेकिन यह सामान्य बाजार कीमत से ज्यादा (प्रीमियम) पर है। ईरानी तेल की कीमत ICE ब्रेंट के मुकाबले 6-8 डॉलर प्रति बैरल अधिक बताई जा रही है।

सख्त शर्तें: जल्दी भुगतान की मांग

सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने तेल की डिलीवरी के 7 दिनों के भीतर भुगतान की शर्त रखी है। भुगतान मुख्य रूप से डॉलर में मांगा जा रहा है, हालांकि कुछ मामलों में भारतीय रुपये में भुगतान की भी गुंजाइश बताई गई है। भारत ने मई 2019 के बाद से ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया था। यह फैसला अमेरिका के दबाव और ईरान पर लगे प्रतिबंधों के चलते लिया गया था।

भारतीय रिफाइनरियों के पास सीमित समय

सूत्रों के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों के पास ईरान से तेल और LPG खरीदने के लिए लगभग एक महीने का समय है। इस बीच, भारत पहले ही रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीद चुका है। फातिह बिरोल (अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी) ने कहा कि मौजूदा संकट 1970 के दशक के तेल संकट से भी ज्यादा गंभीर है।

अमेरिका ने दी अस्थायी राहत

अमेरिकी प्रशासन ने समुद्र में मौजूद ईरानी तेल की खरीद पर 30 दिनों के लिए कुछ प्रतिबंधों में ढील दी है। इस कदम का मकसद वैश्विक ऊर्जा संकट को कुछ हद तक कम करना है। तेल की बढ़ती कीमतें भारत की अर्थव्यवस्था और आम जनता दोनों पर दबाव डाल सकती हैं। महंगे ईंधन का असर ट्रांसपोर्ट, महंगाई और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ना तय है।

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