नई दिल्ली, 7 अप्रैल : मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण जेट ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर अब हवाई यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला है। देश की प्रमुख एयरलाइन Air India ने बढ़ती लागत के दबाव को देखते हुए अपने ईंधन सरचार्ज में संशोधन करने का फैसला किया है। एयर इंडिया के इस फैसले के बाद घरेलू उड़ानों के किराए में 299 से 899 तक की बढ़ोतरी होगी। एयरलाइन ने स्थिर सरचार्ज की जगह दूरी आधारित ग्रिड सिस्टम लागू किया है, जिससे अलग-अलग दूरी के अनुसार किराया तय होगा।
अंतरराष्ट्रीय टिकट हुए महंगे
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में अधिक बढ़ोतरी की गई है। यात्रियों को अब 2,200 से लेकर 26,000 तक अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। खासकर यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जाने वाले यात्रियों पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा। घरेलू और अधिकतर अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर नई दरें 8 अप्रैल से लागू होंगी, जबकि यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए संशोधित सरचार्ज 10 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
सरकार की सीमा के बावजूद बढ़ा बोझ
एयरलाइन के अनुसार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा घरेलू एटीएफ (एविएशन टरबाइन फ्यूल) की कीमतों में 25% तक की सीमा तय की गई है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में कोई सीमा नहीं होने के कारण किराए में ज्यादा बढ़ोतरी करनी पड़ी है। एयर इंडिया ने स्पष्ट किया कि बढ़ाया गया सरचार्ज जेट ईंधन की पूरी लागत को कवर नहीं करता। कंपनी खुद भी इस बढ़ोतरी का एक हिस्सा वहन कर रही है। आने वाले दिनों में हवाई सफर और महंगा होने वाला है, खासकर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए। यात्रियों को टिकट बुक करते समय अब पहले से ज्यादा बजट तैयार रखना होगा।
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