नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत बड़ा बदलाव सामने आया है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की मतदाता सूची से करीब 91 लाख नाम हटा दिए गए हैं। इस प्रक्रिया के बाद पश्चिम बंगाल में कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई है। आयोग के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ चरणबद्ध तरीके से पूरी की गई।
कैसे हटाए गए इतने नाम
आंकड़ों के अनुसार प्रारंभिक प्रक्रिया में 63.66 लाख नाम हटाए गए। ‘विवेचनाधीन’ श्रेणी में रखे गए 60.06 लाख मतदाताओं में से जांच के बाद 27.16 लाख नाम और हटाए गए। जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने जिलावार आंकड़े भी सार्वजनिक किए हैं। पहला चरण: 23 अप्रैल (152 सीटें), दूसरा चरण: 29 अप्रैल (142 सीटें) पहले चरण के लिए मतदाता सूची सोमवार आधी रात के बाद ‘फ्रीज’ कर दी गई है, यानी अब इसमें कोई नया नाम नहीं जोड़ा जाएगा। वहीं, दूसरे चरण की सूची 9 अप्रैल को फ्रीज होगी।
कानूनी प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका
अधिकारियों के मुताबिक, मतदाता सूची में किसी भी बदलाव का निर्णय कानूनी प्रावधानों और Supreme Court of India के निर्देशों पर निर्भर करेगा। इस मामले में अगली सुनवाई 13 अप्रैल को तय की गई है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि ई-हस्ताक्षर से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अंतिम आंकड़ों में हल्का बदलाव हो सकता है, लेकिन बड़े स्तर पर कोई परिवर्तन की संभावना नहीं है।
यह भी देखें : बांग्लादेश क्रिकेट: सरकार ने बोर्ड भंग किया, अब एडहॉक कमेटी संभालेगी जिम्मेदारी

More Stories
बांग्लादेश क्रिकेट: सरकार ने बोर्ड भंग किया, अब एडहॉक कमेटी संभालेगी जिम्मेदारी
₹39 करोड़ से अधिक की संपत्ति अटैच, अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन पर शिकंजा
IFFCO Recruitment : ट्रेनी पदों पर भर्ती, 15 अप्रैल तक करें आवेदन