नई दिल्ली, 16 अप्रैल: केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव 2029 से महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। इसके तहत लोकसभा की कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव सामने आया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित 850 सीटों में से 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी। इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की योजना है। वर्तमान में लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं।
लोकसभा सीटों में 50% बढ़ोतरी का प्रस्ताव
सरकार 16, 17 और 18 अप्रैल को आयोजित संसद के विशेष सत्र के दौरान 33% महिला आरक्षण लागू करने के लिए संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। इसके तहत संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन (संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 के मसौदे सांसदों को भेजे जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 अप्रैल को संसद में इस मुद्दे पर चर्चा का जवाब दे सकते हैं। सरकार का लक्ष्य इन बदलावों को 2029 के आम चुनावों से लागू करना है।
दक्षिणी राज्यों की आपत्ति
इस प्रस्ताव का विरोध भी शुरू हो गया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि दक्षिणी राज्यों के लिए सीटों में प्रस्तावित बदलाव स्वीकार्य नहीं हैं। महिला आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से लंबित है। वर्ष 2023 में इस संबंध में एक विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया गया था, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है।
सरकार इस प्रस्ताव को 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन और निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन से जोड़ना चाहती है। हालांकि विपक्ष ने इस प्रक्रिया की जल्दबाजी पर सवाल उठाए हैं और चेतावनी दी है कि इससे देश के संघीय ढांचे का संतुलन प्रभावित हो सकता है।

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