नई दिल्ली, 16 अप्रैल: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शांति समझौता नहीं हुआ तो उसकी सेना युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पेंटागन में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि चीन ने अमेरिका को भरोसा दिलाया है कि वह मौजूदा युद्धविराम के दौरान ईरान को हथियारों की सप्लाई नहीं करेगा।
ईरान पर समझौते के लिए दबाव बढ़ा
पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के पास शांति और बेहतर भविष्य चुनने का मौका है, लेकिन यदि वह गलत फैसला लेता है तो उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर ईरान के बुनियादी ढांचे, बिजली और ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए जा सकते हैं।
अमेरिकी सेना ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए समुद्री नाकाबंदी को और सख्त कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में आने-जाने वाले जहाजों की निगरानी की जा रही है और संदिग्ध जहाजों को रोका जा रहा है।
ईरानी जहाजों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन ने कहा कि किसी भी ईरानी झंडे वाले जहाज या ईरान को मदद पहुंचाने वाले जहाज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश करने वाले जहाजों को पहले चेतावनी दी जाएगी और आदेश न मानने पर बल प्रयोग किया जाएगा।
अमेरिकी नौसेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल ईरानी जलक्षेत्र तक सीमित नहीं होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्रों में भी संदिग्ध जहाजों की तलाशी, जब्ती और कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात पर नजर रखी जा रही है।

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