नई दिल्ली, 21 अप्रैल: देश के कई हिस्सों में गर्मी ने अपना रौद्र रूप धारण कर लिया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, ओडिशा और दिल्ली सहित कई राज्य लू की चपेट में हैं। कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
सोमवार को महाराष्ट्र के गोंदिया और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तापमान 43°C तक दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 44.4°C के साथ देश का सबसे अधिक तापमान दर्ज हुआ। भीषण गर्मी को देखते हुए कुछ जिलों में दोपहर 12:30 बजे से शाम 4 बजे तक ट्रैफिक सिग्नल बंद रखने का फैसला किया गया है, ताकि लोगों को तेज धूप में चौराहों पर खड़ा न रहना पड़े।
बाहरी कामों पर रोक, ड्यूटी समय में बदलाव
कई राज्य सरकारों ने दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक सभी बाहरी कामों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। निर्माण श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडरों और ट्रैफिक पुलिस के लिए नए समय तय किए गए हैं—अब वे सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम 4 बजे से 8 बजे तक काम करेंगे।
मौसम विभाग ने हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में दिन के साथ-साथ रात के समय भी लू चलने की चेतावनी जारी की है। गर्मी को देखते हुए उत्तर प्रदेश और झारखंड में 8वीं कक्षा तक के स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, ताकि बच्चों को भीषण गर्मी से बचाया जा सके।
‘गर्म रातों’ ने बढ़ाई चिंता
सूर्यास्त के बाद भी राहत नहीं मिल रही है। रात के समय भी तापमान अधिक बना रहता है, जिससे घरों की दीवारें गर्म रहती हैं और पंखे, कूलर व एसी भी प्रभावी नहीं रह पाते। वैज्ञानिक इस स्थिति को “गर्म रातें” कहते हैं।
इन गर्म रातों का स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। खासकर दिल, किडनी और नींद से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। वर्तमान में देश के 734 में से लगभग 57% जिले उच्च या बहुत उच्च गर्मी जोखिम वाले क्षेत्रों में आ चुके हैं, जहां करीब 76% आबादी निवास करती है।

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