चंडीगढ़, 19 मई 2026: सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक संस्थानों के परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पुराने आदेश में बदलाव करने की मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
शीर्ष अदालत ने डॉग लवर्स द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए साफ कहा कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसी सार्वजनिक जगहों से कुत्तों को हटाने का 25 नवंबर का आदेश बरकरार रहेगा।
कोर्ट ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड के SOP के खिलाफ दायर सभी आवेदनों को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी-टीकाकरण के बाद वापस नहीं छोड़ने का निर्देश भी लागू रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों की लापरवाही पर भी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि राज्यों को जानवरों के जन्म नियंत्रण (ABC) नियमों का सही तरीके से पालन करना चाहिए था। इस लापरवाही की वजह से समस्या बढ़ गई है।
कोर्ट ने डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, राजस्थान के श्री गंगानगर में सिर्फ एक महीने में 1084 लोगों को कुत्तों ने काटा। तमिलनाडु में पिछले चार महीनों में करीब 2 लाख डॉग बाइट के मामले दर्ज हुए। दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर जनवरी से अब तक 31 कुत्तों के काटने की घटनाएं हुई हैं, जिनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़ा है। कुत्तों के काटने से खासकर छोटे बच्चों को गंभीर चोटें पहुंच रही हैं।
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