July 10, 2026

शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है प्रदेश सरकार – शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

महीपाल ढांडा

चंडीगढ़, 10 जुलाई 2026: हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सरकारी विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को निरंतर मजबूत कर रही है ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि आज सरकारी विद्यालय केवल शिक्षा देने वाले संस्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार, संस्कृति और कौशल विकास के सशक्त केंद्र बन चुके हैं।

शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा शुक्रवार को रोहतक में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, काहनौर तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कलानौर के नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन करने के उपरांत विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे।

शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि काहनौर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का नया भवन क्षेत्र की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य, महिला सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। विद्यालय के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 1947 में स्थापित यह विद्यालय पिछले लगभग आठ दशकों से क्षेत्र की बेटियों को शिक्षा के साथ संस्कार एवं चरित्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। वर्ष 2013 में इसे वरिष्ठ माध्यमिक स्तर का दर्जा तथा वर्ष 2019 में विज्ञान संकाय की सुविधा प्रदान की गई।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विज्ञान शिक्षा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, फर्नीचर तथा अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अनेक विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है तथा प्रत्येक सरकारी विद्यालय में पेयजल, शौचालय, पर्याप्त कक्षाएं, बिजली, पंखे और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। अधिकांश विद्यालयों में यह कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य भी शीघ्र पूरे कर लिए जाएंगे।

शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने अभिभावकों से सरकारी विद्यालयों पर विश्वास जताते हुए अपने बच्चों का प्रवेश सरकारी स्कूलों में कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के शिक्षक कठिन प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण कर नियुक्त होते हैं और उनकी योग्यता किसी भी निजी विद्यालय से कम नहीं है। आधुनिक भवन, विशाल परिसर, हरित वातावरण और प्रशिक्षित शिक्षक सरकारी विद्यालयों की सबसे बड़ी ताकत हैं।

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