नई दिल्ली, 16 जुलाई 2026: सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने गुरुवार को सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत नौवीं कक्षा से तीसरी भाषा पढ़ाने पर गहरी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों पर इससे बेवजह का अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
ये टिप्पणियां मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ तमिलनाडु सरकार की अपील पर सुनवाई के दौरान आईं। मद्रास हाई कोर्ट ने राज्य के हर जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) खोलने की अनुमति देने का निर्देश दिया था।
तमिलनाडु सरकार लंबे समय से नवोदय विद्यालयों के विस्तार का विरोध करती रही है। राज्य को इन स्कूलों में लागू तीन भाषा नीति को लेकर गंभीर चिंता है।
हालांकि इस मामले में सीबीएसई की भाषा नीति की वैधता सीधे तौर पर विवाद का विषय नहीं थी, फिर भी जस्टिस नागरत्ना ने तीसरी भाषा लागू करने के समय को लेकर कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं।
विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात यह है कि सीबीएसई की तीन भाषा नीति को अलग-अलग जनहित याचिकाओं में मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने चुनौती दी गई है।
मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने इस नीति के अमल पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अब इस मामले की सुनवाई अगले हफ्ते होनी है।
यह भी देखें: समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, लगाया तीन लाख का जुर्माना

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