पटना, 24 अगस्त 2026: बिहार सरकार ने सांसदों और विधायकों समेत जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों के व्यवहार और प्रोटोकॉल को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी पत्र में सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, पुलिस महानिदेशक, सभी प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारियों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनप्रतिनिधि जनता और शासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। ऐसे में उनके फोन कॉल, पत्राचार और अधिकारियों से मुलाकात के दौरान उचित प्रोटोकॉल और शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए।
सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र में कहा गया है कि बिहार विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में 17 जुलाई 2026 को वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। इस बैठक में राज्य के अधिकारियों द्वारा बिहार विधानसभा के सदस्यों के प्रति अपेक्षित प्रोटोकॉल और शिष्टाचार के प्रभावी अनुपालन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने की अपेक्षा की गई थी। इसी के आधार पर सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
सरकार ने निर्देश दिया है कि बिहार विधानसभा के सदस्यों की ओर से किए गए दुर्भाष कॉल (फोन कॉल) का यथासंभव तुरंत जवाब दिया जाए।
अगर किसी अपरिहार्य कारण से अधिकारी उस समय फोन नहीं उठा पाते हैं तो बाद में संबंधित विधायक या जनप्रतिनिधि को फोन कर आवश्यक संवाद स्थापित करना होगा। यानी अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के फोन को नजरअंदाज नहीं करने की हिदायत दी गई है।
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