चंडीगढ़, 09 सितंबर 2026: पंजाब डीजीपी के पद पर पिछले करीब चार साल से नियमित नियुक्ति नहीं होने का मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को इस मामले में हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई एक अक्टूबर 2026 को होगी।
वकील निखिल थम्मन की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि पुलिस महानिदेशक का पद लंबे समय से अतिरिक्त चार्ज के आधार पर चल रहा है। याचिका में इसे गंभीर संस्थागत मामला बताते हुए नियमित डीजीपी की नियुक्ति करने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि किसी अधिकारी को लंबे समय तक केवल अतिरिक्त चार्ज देकर पुलिस बल का प्रमुख बनाए रखना पुलिस व्यवस्था की स्वतंत्रता और स्थिरता से जुड़े सवाल पैदा करता है। याचिका में कहा गया है कि नियमित नियुक्ति से डीजीपी को निश्चित कार्यकाल मिलता है। इससे पुलिस नेतृत्व में स्थिरता बनी रहती है। इससे कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था पर लोगों का भरोसा भी मजबूत होता है।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2006 के महत्वपूर्ण प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले के फैसले और इसके बाद 13 मार्च 2019 को जारी आदेशों का हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों में डीजीपी की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा तैयार पैनल से चयन करने की प्रक्रिया तय की थी।
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