चंडीगढ़, 03 नवंबर 2026: हरियाणा के गेस्ट टीचर्स को नियमित नहीं करने के संबंध में स्पीकिंग ऑर्डर निकाल चुकी प्रदेश सरकार ने यह आदेश वापस लेने से साफ मना कर दिया है। मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल से स्पष्ट कह दिया है कि अतिथि अध्यापक नियमित होने की शर्तें पूरी नहीं करते इसलिए उन्हें नियमित नहीं किया जा सकता।
प्रदेश सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि इन गेस्ट टीचर्स की भर्ती हुड्डा सरकार में कुछ समय के लिए हुई थी लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे नियमित होने के हकदार बन गए। भाजपा सरकार ने इन अतिथि अध्यापकों को हटाने के बजाय उन्हें जॉब सिक्योरिटी दी है जो कि उन्हें रास नहीं आ रही है।
राज्य में करीब 12 हजार गेस्ट टीचर्स हैं जो नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। उनकी सेवाओं को 21 साल से ज्यादा का समय हो चुका है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को तीन माह में उन पर निर्णय लेने का आदेश दिया था।
हाई कोर्ट के आदेश में यह स्पष्ट रूप से इंगित नहीं था कि इन अतिथि अध्यापकों को आवश्यक तौर पर नियमित किया जाए लेकिन कानून व पालिसी के आधार पर फैसला लेने की बात जरूर कही गई थी। इस आदेश के आधार पर गेस्ट टीचर्स लगातार राज्य सरकार पर पक्का करने का दबाव बना रहे थे।
अतिथि अध्यापकों के प्रदेश में दो गुट संचालित हैं। एक गुट लंबे समय से आंदोलन कर रहा है जबकि दूसरा गुट शांति वार्ताओं के माध्यम से सरकार से अनुरोध करने की मुद्रा में है।
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