नई दिल्ली: पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों को रोके जाने से भारत की अपेक्षा पाकिस्तान को अधिक नुकसान होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मूर्खतापूर्ण कदम उठाकर पाकिस्तान ने भारत से मिलने वाला ओवरफ्लाइट शुल्क खो दिया है, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ता हवाई यात्रा बाजार है।
ओवरफ्लाइट शुल्क उन विमानों से वसूला जाता है जो किसी देश के हवाई क्षेत्र को पार करते हैं। पाकिस्तान को हर साल भारत से उड़ान शुल्क के रूप में लाखों डॉलर मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, भारत से पश्चिमी देशों के लिए अधिकांश उड़ानें भारतीय एयरलाइनों द्वारा संचालित की जाती हैं।
2019 से भी नहीं सीखा सबक
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। जुलाई 2019 में पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद भी पाकिस्तान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था, जिससे उसे करीब 100 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था। उस समय प्रतिदिन लगभग 400 उड़ानें प्रभावित होती थीं, जिससे पाकिस्तान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस को भारी नुकसान होता था।

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