टोरांटो/न्यूयार्क, 3 अगस्त : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वर्तमान में आलोचना के केंद्र में हैं, विशेषकर भारत के प्रति उनके दृष्टिकोण के कारण। हाल ही में 25 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद, ट्रंप ने भारत को ‘डेड इकॉनमी’ कहकर उसकी स्थिति का मजाक उड़ाया, जिससे उनकी नीतियों पर सवाल उठने लगे हैं। यह कदम अमेरिका के भू-राजनीतिक हितों के लिए एक महत्वपूर्ण गलती मानी जा रही है।
टेस्टबेड के अध्यक्ष किर्क लुबिमोव ने क्या कहा
मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म टेस्टबेड के अध्यक्ष किर्क लुबिमोव ने इसे ‘बड़ी भू-राजनीतिक चूक’ करार दिया है, यह बताते हुए कि यह चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने की अमेरिकी रणनीति के खिलाफ है। उनका मानना है कि भारत एक संभावित विकल्प हो सकता है, लेकिन टैरिफ लगाकर अमेरिका अपने इस संभावित सहयोगी को दूर कर रहा है।
दुनियां की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है भारत
भारत, जो वर्तमान में दुनियां की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। इस स्थिति से स्पष्ट होता है कि अमेरिकी टैरिफ का भारत पर तात्कालिक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि भारत की आर्थिक वृद्धि और वैश्विक बाजार में उसकी स्थिति को देखते हुए, ट्रंप का यह कदम न केवल भारत के लिए बल्कि अमेरिका के लिए भी दीर्घकालिक दृष्टिकोण से हानिकारक साबित हो सकता है।
ऐसे में, यह आवश्यक है कि अमेरिका अपने रणनीतिक सहयोगियों के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए, बजाय इसके कि वह उन्हें दूर करने की कोशिश करे।
इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल ने भी ट्रंप को नकारा
इसके पहले जाने-माने इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल ने भी ट्रंप के भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड’ बताने वाले बयान को खारिज किया था। इतिहासकार ने अपनी बात के पक्ष में ठोस आर्थिक आंकड़े दिए थे। उनका कहना था कि भारत ग्रोथ की दौड़ में भारत से बहुत आगे है। पिछले साल भारत अमेरिका के मुकाबले दोगुनी तेजी से बढ़ा। इस वह अमेरिका से तीन गुना ज्यादा रफ्तार से बढ़ सकता है।
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