दिल्ली, 26 जून : सऊदी अरब क्रिकेट की दुनिया में एक नई लीग शुरू करने पर काम कर रहा है। सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड के तहत काम करने वाली कंपनी एसआरजे स्पोर्ट्स इनवेस्टमेंट्स की ओर से एक वैश्विक टी20 लीग की योजना बनाई जा रही है। इसमें कुल आठ टीमें होंगी, जो साल भर में चार अलग-अलग देशों में टूर्नामेंट खेलेंगी। लेकिन सऊदी अरब की इस योजना को बड़ा झटका लगा है। बीसीसीआई और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड नई लीग के खिलाफ नजर आ रहे हैं।
इस नई लीग से बीसीसीआई को खतरा
ब्रिटिश अखबार द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक 400 मिलियन डॉलर (34 हजार करोड़ रुपए) का प्रोजेक्ट माने जा रहे सऊदी अरब के टी20 लीग को बीसीसीआई और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) का समर्थन नहीं मिलेगा। दोनों बोर्ड अपने-अपने टूर्नामेंट को कमजोर होने से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने लॉर्ड्स में हुए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के दौरान हुई चर्चा में ईसीबी और बीसीसीआई ने नई लीग के विरोध में एकजुटता दिखाई थी।
दोनों बोर्ड इस बात पर सहमत हुए कि वे अपने खिलाड़ियों को इस नई लीग में शामिल होने के लिए ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ (एनओसी) नहीं देंगे और आईसीसी से भी इसका समर्थन न करने को कहेंगे।
हालांकि, माना जा रहा है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) इस लीग में सऊदी निवेशकों के साथ साझेदारी करने के लिए उत्सुक है। सीए का मुख्य उद्देश्य निजी निवेशकों से आने वाले नकदी प्रवाह से लाभ उठाना है, क्योंकि बिग बैश लीग (बीबीएल) की फ्रेंचाइजी का स्वामित्व गवर्निंग बॉडी और राज्यों के पास है। दूसरी ओर, आईपीएल 12 बिलियन डॉलर की लीग है, और ईसीबी को ‘हंड्रेड’ फ्रेंचाइजी के 49% की बिक्री से 520 मिलियन पाउंड ($ 700 मिलियन) प्राप्त होने वाले हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, तीन साल पहले क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने SA20 प्रतियोगिता में फ्रेंचाइजी बेचकर 100 मिलियन पाउंड ($ 136 मिलियन) से अधिक जुटाए थे, जिसमें आईपीएल मालिकों ने भाग लिया था।

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