January 9, 2026

समय पर फ्लैट की पजेशन न देने पर बिल्डर को लगा तगड़ा जुर्माना

समय पर फ्लैट की पजेशन...

नई दिल्ली: बेंगलुरु में एक प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराने वाले ग्राहक को 5 साल बाद भी अपना घर नहीं मिला है। अब कर्नाटक रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (के-रेरा) ने इस मामले में बड़ा फैसला दिया है। प्राधिकरण ने बिल्डर को ग्राहक को 2.73 करोड़ रुपये वापस करने का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता ने अप्रैल 2015 में मंत्री वेबसिटी 2ए नामक प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराया था। 17 अप्रैल 2015 को बिक्री समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसमें कुल राशि 1.46 करोड़ रुपये तय हुई थी। इस समझौते के अनुसार फ्लैट की डिलीवरी 31 मार्च 2017 तक होनी थी।

समय बीतता गया, लेकिन न तो ग्राहक को फ्लैट मिला और न ही डिलीवरी के बारे में कोई ठोस जानकारी दी गई। इस देरी से निराश होकर शिकायतकर्ता ने के-रेरा में शिकायत दर्ज कराई और ब्याज सहित अपना पैसा वापस मांगा।

के-रेडा ने क्या कहा?

के-रेरा ने दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच की और पाया कि बिल्डर ने अपने वादे पूरे नहीं किए। प्राधिकरण ने कहा कि बिल्डर ने दिसंबर 2018 तक फ्लैट देने का वादा किया था, जिसमें एक रियायती अवधि भी शामिल थी, लेकिन समझौते के 60 महीने बाद भी कब्जा नहीं दिया गया है। के-रेरा ने अपने आदेश में बिल्डर को ग्राहक को कुल 2.73 करोड़ रुपये वापस करने का निर्देश दिया है।

इसमें 1.46 करोड़ रुपये की मूल राशि और 1.27 करोड़ रुपये का ब्याज शामिल है। रेरा ने यह भी कहा कि बिल्डर को यह राशि नोटिस की तारीख से 60 दिनों के भीतर चुकानी होगी। यदि ऐसा नहीं होता है, तो ग्राहक RERA अधिनियम की धारा 40 के तहत वसूली कार्यवाही शुरू कर सकता है। इसमें जिले के उपायुक्त के माध्यम से भू-राजस्व के बकाया की तरह धन की वसूली की जा सकेगी।

यह भी देखें : https://bharatdes.com/heavy-rain-and-storm-wreaked-havoc-in-punjab/