April 27, 2026

मुख्यमंत्री सेहत योजना: समय से पहले जन्मी नवजात ने जीती जिंदगी की जंग

मुख्यमंत्री सेहत योजना: समय से...

बठिंडा, 26 अप्रैल 2026: भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत एक गंभीर हालत में जन्मी नवजात बच्ची के स्वस्थ होने की खबर ने डॉक्टरों और परिवार दोनों के लिए राहत और उम्मीद की किरण जगाई है।

बठिंडा जिले के रामपुरा फूल स्थित एक निजी अस्पताल में जन्मी यह बच्ची मात्र 33 सप्ताह में पैदा हुई थी। उसका वजन केवल 1.926 किलोग्राम था, जो सामान्य से काफी कम था। जन्म के तुरंत बाद उसे सांस लेने में गंभीर दिक्कत होने लगी, जिसके चलते उसे तुरंत नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती करना पड़ा।

वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरिंदर अग्रवाल और उनकी टीम ने बिना समय गंवाए इलाज शुरू किया। बच्ची को 10 दिनों तक कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयरवे प्रेशर (CPAP) सपोर्ट दिया गया और उसके बाद 4 दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। इस दौरान उसे पीलिया भी हुआ, जिसका इलाज फोटोथेरेपी के माध्यम से किया गया।

नाजुक हालत से उबरकर स्वस्थ हुई बच्ची

करीब 17 दिनों तक चली गहन देखभाल के दौरान डॉक्टरों ने हर पल उसकी स्थिति पर नजर रखी। धीरे-धीरे उसकी सांस सामान्य होने लगी और शरीर ने उपचार के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया देना शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक, इस तरह के मामलों में समय पर इलाज ही सबसे अहम भूमिका निभाता है।

इस पूरे इलाज के दौरान परिवार को मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस सुविधा मिली, जिससे आर्थिक दबाव के बिना उपचार संभव हो पाया। इलाज पूरा होने के बाद बच्ची का वजन बढ़कर 2.106 किलोग्राम हो गया और उसे स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

इसी तरह एक अन्य मामले में होशियारपुर के मनिंदर सिंह ने बताया कि उनकी नवजात बेटी का इलाज भी इसी योजना के तहत हुआ। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कार्ड के जरिए पूरा खर्च कवर हो गया और अब परिवार को हर साल 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिल रहा है।

परिजनों ने सरकार और डॉक्टरों का आभार जताते हुए कहा कि यह योजना उन परिवारों के लिए वरदान है, जो आर्थिक तंगी के कारण बेहतर इलाज नहीं करा पाते।