नई दिल्ली, 26 फरवरी : राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने न्यायपालिका से जुड़े एक अध्याय में अनुचित सामग्री और निर्णय संबंधी त्रुटि पाए जाने के बाद हाल ही में जारी की गई आठवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक की वितरण प्रक्रिया रोक दी है और इसके लिए खेद व्यक्त किया है।
24 फरवरी को जारी हुई थी पुस्तक
एनसीईआरटी द्वारा जारी प्रेस बयान के अनुसार, आठवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक Exploring Society: India and Beyond, Vol II को 24 फरवरी 2026 को जारी किया गया था। हालांकि पुस्तक प्राप्त होने के बाद यह पाया गया कि अध्याय संख्या 4 — “हमारे समाज में cकी भूमिका” (पृष्ठ 125-142) में अनजाने में कुछ आपत्तिजनक सामग्री और निर्णय संबंधी त्रुटि शामिल हो गई है।
शिक्षा मंत्रालय ने भी दिए वितरण रोकने के निर्देश
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (शिक्षा मंत्रालय) ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए अगले आदेश तक पुस्तक के वितरण पर सख्त रोक लगाने के निर्देश दिए। एनसीईआरटी ने कहा कि इन निर्देशों का पालन कर लिया गया है। एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया कि वह न्यायपालिका का गहरा सम्मान करती है और उसे भारतीय संविधान की संरक्षक तथा मौलिक अधिकारों की रक्षा करने वाली संस्था मानती है। बयान में कहा गया, “उक्त त्रुटि पूरी तरह अनजाने में हुई है और संबंधित अध्याय में अनुचित सामग्री शामिल होने पर हमें खेद है।”
नए सत्र से पहले संशोधित संस्करण जारी होगा
एनसीईआरटी ने दोहराया कि नई पुस्तकों का उद्देश्य विद्यार्थियों में संवैधानिक साक्षरता, संस्थागत सम्मान और लोकतांत्रिक भागीदारी की समझ को मजबूत करना है। किसी भी संवैधानिक संस्था के अधिकार को कमतर आंकने का कोई इरादा नहीं है। संस्था ने बताया कि संबंधित अध्याय को आवश्यक परामर्श के बाद दोबारा लिखा जाएगा और संशोधित पुस्तक शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत में विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जाएगी।

More Stories
मनीश सिसोदिया के खिलाफ चुनाव रद्द करने की मांग सबंधी पटीशन खारिज
1 मार्च से बंद होगी UTS ऐप, टिकट बुकिंग के लिए अनिवार्य RailOne
इज़राइल दौरे पर पीएम मोदी का विमान बना दुनिया में सबसे ज्यादा ट्रैक किया