नई दिल्ली, 3 अक्तूबर : पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने अपने पति की तत्काल रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अपने पति को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया था और उनके कथित भड़काऊ भाषणों को लेकर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा के बाद राजस्थान की जोधपुर जेल में रखा गया था।
अंगमो ने अधिवक्ता सर्वम रितम खरे के माध्यम से दायर अपनी याचिका में वांगचुक की नज़रबंदी को चुनौती दी है और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है। याचिका में वांगचुक के खिलाफ एनएसए के इस्तेमाल के फैसले पर भी सवाल उठाए गए हैं। अंगमो ने आरोप लगाया है कि उन्हें अभी तक नज़रबंदी आदेश की प्रति नहीं दी गई है, जो नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा, अब तक उनका अपने पति वांगचुक से कोई संपर्क नहीं हुआ है।
लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान एक दंपति की मौत के बाद हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों, जिनमें ज़्यादातर युवा थे, ने भाजपा कार्यालय, लेह हिल काउंसिल भवन और कई वाहनों में आग लगा दी। सुरक्षा बलों ने भी गोलीबारी की, जिसमें चार लोग मारे गए और लगभग 90 घायल हो गए।
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