February 5, 2026

पानी की कमी के लिए सरकारें ज़िम्मेदार: बाबा बलबीर सिंह

पानी की कमी के लिए सरकारें...

तलवंडी साबो, 5 फरवरी : निहंग सिंहों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि पंथ अकाली बुद्धा दल के 14वें मुखी सिंह साहिब जत्थेदार बाबा बलबीर सिंह अकाली 96 करोड़ि ने तेजी से बदलते वैश्विक पर्यावरण पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पानी की कमी, बढ़ती गर्मी और पर्यावरण असंतुलन के लिए सरकारों और आम लोगों की लापरवाही सीधे तौर पर ज़िम्मेदार है।

बाबा बलबीर सिंह ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग प्राकृतिक नहीं बल्कि मानवीय लापरवाही का नतीजा है। भूमिगत जल में यूरेनियम की बढ़ती मात्रा के कारण कैंसर जैसी घातक बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अंधाधुंध पेड़ों की कटाई, प्राकृतिक संसाधनों से छेड़छाड़ और वैश्विक स्तर पर बम व मिसाइल परीक्षण जीव-जगत के लिए घातक सिद्ध हो रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि वैज्ञानिक लगातार भूमिगत जल के समाप्त होने का खतरा जता रहे हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा। पानी मानवता के लिए प्रकृति का अमूल्य उपहार है, जिसके बिना जीवन संभव नहीं है।

जल संकट, ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण विनाश

बाबा बलबीर सिंह ने कहा कि मौजूदा हालात से निपटने में सरकारें भी असहाय नजर आ रही हैं। भारत के 17 राज्यों के 256 जिलों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। बढ़ती गर्मी, बिजली और पानी के संकट ने आम जनजीवन की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है। आज दैनिक जीवन की अधिकांश आवश्यकताएं बिजली आपूर्ति पर निर्भर हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थों के चलते सरकारों ने मुफ्त बिजली और पानी का लालच तो दिया, लेकिन उनके उत्पादन और आपूर्ति में पूरी तरह विफल रहीं। इसका सीधा असर मानव जीवन पर पड़ा है और जीवन की गाड़ी तेज़ी से पटरी से उतर रही है।

अंत में बाबा बलबीर सिंह अकाली 96 करोड़ि ने सुझाव दिया कि पानी की घटती मात्रा को देखते हुए हर व्यक्ति को जागरूक होना चाहिए और पानी की अधिकतम बचत करनी चाहिए। कृषि क्षेत्र में कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाले नए बीज विकसित किए जाएं। खेतों और आवश्यक स्थानों पर रिचार्ज वेल (कुएं) बनाए जाएं ताकि वर्षा जल को भूमिगत जल स्तर बढ़ाने में उपयोग किया जा सके।