नई दिल्ली, 29 सितम्बर : तमिलनाडु के करूर में अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय की रैली के दौरान मची भगदड़ में 18 महिलाओं और 10 बच्चों समेत 41 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने अपनी एफआईआर में इस घटना को विजय द्वारा जानबूझकर किया गया शक्ति प्रदर्शन बताया है।
एफआईआर के अनुसार, रैली सुबह 9 बजे शुरू होनी थी और दोपहर तक भारी भीड़ जमा हो गई थी। विजय का भाषण दोपहर 12 बजे होना था, लेकिन वह शाम 7 बजे पहुँचे। पुलिस का कहना है कि उनकी देरी के कारण भीड़ में अशांति और अफरा-तफरी मच गई।
छत गिरने से लोगों की मौत
पुलिस ने बताया कि विजय की प्रचार बस बिना अनुमति के कई जगहों पर रुकी, जिससे यह एक तरह से अनियोजित रोड शो बन गया। इसी बीच, टीवीके कार्यकर्ता पुलिस बैरिकेड तोड़कर एक शेड की टिन की छत पर चढ़ गए। छत गिरने से कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
राजनीतिक उथल – पुथल
पुलिस का दावा है कि उन्हें खाने की कमी और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन पार्टी नेताओं ने उनकी बात अनसुनी कर दी। इस घटना ने राजनीतिक तूफ़ान खड़ा कर दिया है। सत्तारूढ़ डीएमके और विजय की पार्टी टीवीके आमने-सामने हैं। टीवीके ने इसे एक साज़िश बताया है और सीबीआई जाँच की माँग की है।
इस बीच, डीएमके ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह इस घटना का राजनीतिकरण नहीं करना चाहती। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शांति की अपील की और सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाने की सलाह दी।
पुलिस पर भी सवाल उठाए गए।
टीवीके नेताओं ने पुलिस पर बिजली काटने और भीड़ पर एम्बुलेंस चढ़ाने का भी आरोप लगाया, जिससे भगदड़ और बढ़ गई। हालाँकि, बिजली विभाग ने इससे इनकार करते हुए कहा कि भीड़ ने जनरेटर और प्रकाश व्यवस्था बाधित कर दी थी।
एडीजीपी डेविडसन देवसिरवथम ने बताया कि इस आयोजन को बेहद जोखिम भरा माना गया था और 500 पुलिस अधिकारी तैनात किए गए थे। लगभग 27,000 लोग इसमें शामिल हुए, जबकि केवल 10,000 लोगों को ही अनुमति दी गई थी।

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