नई दिल्ली, 7 जनवरी : भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार ने सकारात्मक आकलन प्रस्तुत किया है। सरकार के प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, भारत की GDP वर्ष 2025-26 में 7.4% की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जबकि पिछले साल यह दर 6.5% थी। बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस वृद्धि का मुख्य कारण निर्माण और सेवा क्षेत्रों का बेहतर प्रदर्शन है।
भारत सरकार के अनुसार, निर्माण क्षेत्र में 7% की वृद्धि का अनुमान है, जो राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम अनुमानों में प्रमुख कारक है। यह वृद्धि घरेलू और वैश्विक मांग में सुधार को दर्शाती है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नया बल प्रदान कर रही है।
सेवा क्षेत्र का उत्कृष्ट प्रदर्शन
मोदी सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में सेवा क्षेत्र में मजबूत विकास देखने को मिलेगा। अनुमान है कि इस क्षेत्र की वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (GAV) 7.3% तक बढ़ेगी, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक है। यह वृद्धि डिजिटल सेवाओं, वित्तीय सेवाओं और अन्य उद्योगों के माध्यम से होने की संभावना है।
हालांकि, कृषि और सहायक क्षेत्रों जैसे बिजली, गैस, पानी आपूर्ति, और अन्य उपयोगी सेवाओं में इस वर्ष की आखिरी तिमाही तक कुछ सीमित वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। इन क्षेत्रों में स्थिरता की स्थिति बनी रहेगी, लेकिन बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।
केंद्रीय बजट में अग्रिम अनुमानों का उपयोग
केंद्रीय मंत्रालय ने बताया कि 2025-26 के दौरान नाममात्र GDP (वर्तमान कीमतों पर) में 8% की दर से वृद्धि का अनुमान है। यह अनुमान केंद्रीय बजट की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जो आगामी 1 फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा। इस वृद्धि से भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिल सकती है, जो वैश्विक स्तर पर भी भारत की स्थिति को मजबूत बनाएगी।

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