नई दिल्ली, 14 जून : अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, जिससे इस घटना के पीछे के कारणों को लेकर संदेह और बढ़ता जा रहा है। प्रारंभ में, राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एन.आई.ए) की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया, जिसके बाद इसे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एन.एस.जी.) के नियंत्रण में सौंप दिया गया।
ये दोनों घटनाएं इस बात का संकेत देती हैं कि विमान दुर्घटना के संदर्भ में कुछ ऐसे संदेह उत्पन्न हो रहे हैं, जो अब तक की सभी थ्योरियों से अलग हैं। इस स्थिति ने जांच के दायरे को और विस्तारित कर दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस मामले में गहराई से जांच की आवश्यकता है।
दुर्घनास्थल पर एनएसजी कमांडो की तैनाती
इस विमान हादसे की जांच वैसे तो आधिकारिक तौर पर एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (ए.ए.आई.बी.) कर रही है। लेकिन,न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अब वहां पर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एन.एस.जी.) के कमांडो की तैनात कर दी गई है।
अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया विमान हादसे में मरने वालों की संख्या 274 तक पहुंच चुकी है। विमान बोइंग 787 ड्रीमलाइनर था, जिसने लंदन जाने के लिए टेकऑफ ही किया था। सूत्रों के अनुसार एनएसजी की टीम वहां अन्य एजेंसियों की सहायता कर रही है। इनमें एएआईबी, डीजीसीए, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और लोकल पुलिस भी शामिल है। विमान दुर्घटना के पीछे आतंकी साजिश की आशंका?
जांच की दो थ्योरियां
भारत सरकार के एक रिटायर्ड शीर्ष अधिकारी से बात करने पर उन्होंने जो कुछ बताया कि ‘एयर इंडिया विमान हादसे की जांच के दो हिस्से हो सकते हैं। एक तो विमानन से जुड़ा तकनीकी हिस्सा है। जिसकी जांच एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो और कई अन्य देशों की एविएशन इंवेस्टिगेशन एजेंसियां और बोइंग के इंजीनियर करेंगे। लेकिन, दूसरे हिस्से की भी गहन छानबीन बहुत जरूरी है। ‘विमान के इंजन या उपकरणों के साथ छेड़छाड़ तो नहीं हुई।’
यह भी देखें : अहमदाबाद विमान हादसे के बाद अब अमेरिका के बोस्टन में भी विमान हादसा

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